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दिलों से ग़म मिटाता है मुहम्मद नाम ऐसा है / Dilon Se Gham Mitata Hai Muhammad Naam Aisa Hai

दिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है नगर उजड़े बसाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है उन्हीं के नाम से पाई फ़क़ीरों ने शहंशाही ख़ुदा से भी मिलाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है उन्हीं के ज़िक्र से रौशन रुतें फिर लौट आती हैं नसीबों को जगाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है दुरूदों की महक से महफ़िलें आबाद रहती हैं मेरी ना'तें सजाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है मोहब्बत के कँवल खिलते हैं उन को याद करने से बड़ी ख़ुश्बूएँ लाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है मदद हासिल है मुझ को हर घड़ी शाह-ए-मदीना की मेरी बिगड़ी बनाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है मैं, फ़ख़्री ! फ़िक्र-ए-दुनिया आख़िरत सब भूल जाता हूँ मुझे जब याद आता है, मुहम्मद नाम ऐसा है शायर: ज़ाहिद फ़ख़री ना'त-ख़्वाँ: अफ़ज़ल नोशाही मीलाद रज़ा क़ादरी मुहम्मद हुसैन नक़्शबंदी dilo.n se Gam miTaata hai, muhammad naam aisa hai nagar uj.De basaata hai, muhammad naam aisa hai unhi.n ke naam se paai faqeero.n ne shahanshaahi KHuda se bhi milaata hai, muhammad naam aisa hai unhi.n ke zikr se raushan rute.n phir lauT aati hai.n naseebo.n ko jagaata hai, muhammad naam ...

तेरे होते जनम लिया होता / Tere Hote Janam Liya Hota

तेरे होते जनम लिया होता फिर कभी तो तुझे मिला होता काश ! मैं संग-ए-दर तेरा होता तेरे क़दमों को चूमता होता तू चला करता मेरी पलकों पर काश ! मैं तेरा रास्ता होता ज़र्रा होता जो तेरी राहों का तेरे तलवों को छू लिया होता लड़ता फिरता मैं तेरे आ'दा से तेरी ख़ातिर मैं मर गया होता तेरे मस्कन के गिर्द शाम-ओ-सहर बन के मँगता मैं फिर रहा होता तू कभी तो मुझे भी तक लेता तेरे तकने पे बिक गया होता तू कभी तो मेरी ख़बर लेता तेरे कूचे में घर किया होता तू जो आता मेरे जनाज़े पर तेरे होते मैं मर गया होता चाँद होता मैं आसमानों पर तेरी उँगली से कट गया होता होता ताहिर तेरे फ़क़ीरों में तेरी दहलीज़ पर पड़ा होता शायर: डॉ. मुहम्मद ताहिर-उल-क़ादरी ना'त-ख़्वाँ: मीलाद रज़ा क़ादरी मुहम्मद अफ़ज़ल नोशाही अज़मत रज़ा भागलपुरी सक़लैन रशीद tere hote janam liya hota phir kabhi to tujhe mila hota kaash ! mai.n sang-e-dar tera hota tere qadmo.n ko choomta hota tu chala karta meri palko.n par kaash ! mai.n tera raasta hota zarra hota jo teri raaho.n ka tere talwo.n ko chhoo liya hota l...

ऐ सबा सरकार की बातें सुना / Aye Saba Sarkar Ki Baatein Suna

ऐ सबा ! सरकार की बातें सुना सय्यिद-ए-अबरार की बातें सुना मैं दुरूदों के हूँ नग़्मे छेड़ता तू मुझे सरकार की बातें सुना फिर महक उट्ठे मेरे ज़ख़्मों के फूल नूर की, गुलज़ार की बातें सुना सब्ज़ गुंबद और सुनहरी जालियाँ मसदर-ए-अनवार की बातें सुना जिस से हासिल हो सुकून-ए-दिल मुझे हाँ ज़रा उस यार की बातें सुना हम न जाने कब मदीने जाएँगे तू मेरे मन-ठार की बातें सुना मैं पढ़ूँ विज्दान में सल्ले-'अला प्यार से तू प्यार की बातें सुना हम को दोज़ख़ से न, ऐ वा'इज़ ! डरा रहमत-ए-ग़फ़्फ़ार की बातें सुना जिस का सदक़ा माँगते हैं दो जहाँ उस सख़ी दरबार की बातें सुना जिस ने बाँटे 'उम्र-भर उम्मत के ग़म मूनिस-ओ-ग़म-ख़्वार की बातें सुना शायद आ जाएँ कभी वो ख़्वाब में वस्ल की, दीदार की बातें सुना है, नियाज़ी ! दम में जब तक दम तेरे अहमद-ए-मुख़्तार की बातें सुना शायर: मौलाना अब्दुल सत्तार नियाज़ी ना'त-ख़्वाँ: अफ़ज़ल नोशाही सरवर हुसैन नक़्शबंदी ai saba ! sarkaar ki baate.n suna sayyid-e-abraar ki baate.n suna mai.n duroodo.n ke hu.n naGme chhe.Dta tu mujhe sarkaar ki baate.n suna...

सू-ए-तयबा ये समझ कर हैं ज़माने जाते | ये वो रौज़ा है जहाँ दिल नहीं तोड़े जाते / Soo-e-Taiba Ye Samajh Kar Hai Zamane Jate | Ye Wo Roza Hai Jahan Dil Nahin Tode Jate

सू-ए-तयबा ये समझ कर हैं ज़माने जाते ये वो रौज़ा है जहाँ दिल नहीं तोड़े जाते ये है आक़ा की 'इनायत, वो करम करते हैं वर्ना हम जैसे कहाँ दर पे बुलाए जाते भूल जाते थे सहाबा ग़म-ओ-आलाम अपने देख लेते थे जो सरकार को आते जाते रुत्बे सरकार के क्या ख़ल्क़ से जाने जाते सब पे असरार-ए-इलाही नहीं खोले जाते नूर की हद में फ़क़त नूर ही जा सकता है सिर्फ़ अगर होते बशर 'अर्श पे कैसे जाते ? जिस्म के साथ उठाए गए जब कि 'ईसा नूर-ए-कामिल क्यूँ न शब-ए-अस्रा बदन से जाते चश्म-ए-बातिन से मदीने के नज़ारे देखो सिर्फ़ आँखों से ये मंज़र नहीं देखे जाते ना'त-ख़्वाँ: असद रज़ा अत्तारी हाफ़िज़ डॉ. निसार अहमद मार्फ़ानी मुहम्मद अफ़ज़ल नोशाही soo-e-tayba ye samajh kar hai.n zamaane jaate ye wo rauza hai jahaa.n dil nahi.n to.De jaate ye hai aaqa ki 'inaayat, wo karam karte hai.n warna ham jaise kahaa.n dar pe bulaae jaate bhool jaate the sahaaba Gam-o-aalaam apne dekh lete the jo sarkaar ko aate jaate rutbe sarkaar ke kya KHalq se jaane jaate sab pe asraar-e-ilaahi nahi.n khole jaate n...

पुकारो शाह-ए-जीलाँ को पुकारो / Pukaro Shah-e-Jilan Ko Pukaro

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारो बदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो ! ये दर महबूब-ए-सुब्हानी का दर है भिकारी बन के आओ, ताजदारो ! पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारो बदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो ! मुरीदी ला-तख़फ़ है उन का फ़रमाँ न घबराओ ज़रा भी, ग़म के मारो ! पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारो बदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो ! तुम्हारी रीत है बेड़े तिराना मोरी नैया भी, मीराँ ! पार उतारो पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारो बदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो ! तुम्हें मुश्किल नहीं बिगड़ी बनाना हमारे काज भी, मीराँ ! सँवारो पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारो बदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो ! ये ज़र्रे कूचा-ए-बग़दाद के हैं करो सज्दे यहाँ, ऐ चाँद-तारो ! पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारो बदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो ! पुकारो हर घड़ी या ग़ौस-ए-आ'ज़म मिलेगा चैन दिल को, बे-क़रारो ! पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारो बदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो ! रहे हर-दम ख़याल-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म गुज़ारो ज़िंदगी बस यूँ गुज़ारो पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारो बदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो ! करो तुम नाम-ए-मीराँ का वज़ीफ़ा क़रार-ए-ज़िंदगी है, बे-क़रारो ! पुकारो, शाह-ए-जील...

शहर-ए-तयबा ! तेरे बाज़ार महकते होंगे / Shahar-e-Tayba ! Tere Baazaar Mahakte Honge

शहर-ए-तयबा ! तेरे बाज़ार महकते होंगे तेरी गलियों से जो सरकार गुज़रते होंगे शहर-ए-तयबा तेरे बाज़ार महकते होंगे हुस्न-ए-कामिल से कोई नज़र हटाए कैसे ! देखने वाले उन्हें देखते रहते होंगे शहर-ए-तयबा तेरे बाज़ार महकते होंगे मुस्कुरा कर वो कोई बात जो करते होंगे ख़ुश्बूएं फैलती और रंग निखरते होंगे शहर-ए-तयबा तेरे बाज़ार महकते होंगे उन के तल्वों की चमक देखने वाली होगी उन के क़दमों से जो नालैन उतरते होंगे शहर-ए-तयबा तेरे बाज़ार महकते होंगे जा के जिब्रील ने फिर नज़र उतारी होगी उन के काँधों पे जो हसनैन चहकते होंगे शहर-ए-तयबा तेरे बाज़ार महकते होंगे नात-ख़्वाँ: मीलाद रज़ा क़ादरी Shahre taiba tere bazar mehekte honge lyrics in hindi,Shehr-e-Taiba tere bazar mehekte honge lyrics in hindi, Shehre taiba lyrics in hindi,shahare taiba, bazaar, mahekte,hoge,sehre sehare, lyrics of naat, naat lyrics in hindi, islamic lyrics, hindi me naat lyrics, hindi me naat likhi hui,

मारो ना'रा या अली दा ! या अली दा, हक़ दे वली दा / Maro Naara Ya Ali Da ! Ya Ali Da, Haq De Wali Da

मारो ना'रा या अली दा ! या अली दा, हक़ दे वली दा केहँदा मुर्शिद मेरा सोहणा, बण के सग रे अली दी गली दा मारो ना'रा या अली दा ! या अली दा, हक़ दे वली दा या अली, अली अली, या अली या अली, अली अली, या अली मौला मेरा ला-फ़ता ए, अर्शां-फ़र्शां ते हर जगह ए फुल करदे ने विर्द जिस दा, है वज़ीफ़ा हर इक कली दा मारो ना'रा या अली दा ! या अली दा, हक़ दे वली दा या अली, अली अली, या अली या अली, अली अली, या अली एहो आशिक़ दी सदा ए, मौला हैदर मुश्किल-कुशा ए मुश्किलां चों लंग जाणा, नाम ले के शेर-ए-जली दा मारो ना'रा या अली दा ! या अली दा, हक़ दे वली दा या अली, अली अली, या अली या अली, अली अली, या अली हक़ नूं मनणा, सच नूं मनणा, पंजतन दे मुन्किर न बनणा किसे वी एथे बै नैं रेहणा, दुनिया में ला ए चलो-चली दा मारो ना'रा या अली दा ! या अली दा, हक़ दे वली दा या अली, अली अली, या अली या अली, अली अली, या अली जद वी मुश्किल मैनूं सताया, ओह्दे दर जा मैं दुख सुणाया दूर ओदो ग़म ने हो गए, नाम जपेया जद मैं अली दा मारो ना'रा या अली दा ! या अली दा, हक़ दे वली दा केहँदा मुर्शिद मेरा सोहणा, बण के सग...